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Shri Siddhan Dham Lodha Pahad
पवित्र तपोभूमि

श्री सिद्धन धाम (लोढ़ा पहाड़)

"सिद्धि और साधना की यह पावन भूमि सदियों से महान संतों की साधना का साक्षी रही है, जहाँ प्रकृति और परमात्मा एकाकार होते हैं।"
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१. पावन इतिहास

साधना और सिद्धि की तपोभूमि

सिहोरा (जबलपुर) के निकट ग्राम कुर्री पिपरिया में स्थित, लोढ़ा पहाड़ केवल एक पहाड़ी नहीं है, बल्कि दिव्य ऊर्जा से ओतप्रोत एक ऐतिहासिक सिद्ध तपोभूमि है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ सदियों से महान साधुओं और योगियों ने गहन साधना की, जिसके फलस्वरूप इस पवित्र परिसर का नाम 'श्री सिद्धन धाम' पड़ा।

यहाँ की सबसे बड़ी विशेषता प्राचीन गुफा है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार, यह गुफा आंतरिक रूप से मैहर और कटवा धाम जैसे पवित्र स्थलों से जुड़ी हुई है। प्राचीन काल में सिद्ध संत और योगी इस गुफा का उपयोग गुप्त मार्ग के रूप में करते हुए एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा किया करते थे।

२. धार्मिक एवं प्राकृतिक स्वरूप

सुरम्य वातावरण और देवालय

यह परिसर भगवान शिव, श्री राधा कृष्ण, देवी दुर्गा, हनुमान जी एवं भगवान श्री राम के सुंदर मंदिरों से सुसज्जित है। हरे-भरे जंगलों और प्राकृतिक छटा से घिरे होने के कारण यहाँ का वातावरण अत्यंत शांत है, जो साधकों को सहज ही ध्यानमग्न कर देता है।

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आत्म-साधना

शांत एकांत में ध्यान और योगाभ्यास के माध्यम से मन की शक्तियों का एकत्रीकरण।

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लोक कल्याण

सृष्टि के प्रत्येक जीव में परमात्मा का अंश देखना और निस्वार्थ भाव से सेवा करना।

३. दिव्य सानिध्य

पूज्य श्री बाल संत जी महाराज का मार्गदर्शन

श्री सिद्धन धाम आज पूज्य श्री बाल संत जी महाराज के दिव्य सानिध्य के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। उनकी उपस्थिति, कल्याणकारी प्रवचनों और श्रीमद्भागवत कथाओं से जुड़कर लाखों श्रद्धालु अपने जीवन को धन्य बनाते हैं। महाराज श्री के कुशल नेतृत्व में यहाँ सनातन गुरुकुल परंपरा, गौशाला सेवा एवं विभिन्न परोपकारी प्रकल्पों का संचालन अत्यंत भव्यता के साथ किया जा रहा है।

सनातन संदेश

सिद्धन धाम के मूल सिद्धांत

०१

भावना की शुद्धि

हर कर्म का फल कर्ता की आंतरिक भावना और हृदय की पवित्रता से तय होता है। अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करें।

०२

वैदिक जीवन शैली

हमारे शास्त्र केवल अध्ययन के ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि जीवन जीने के दिव्य नियम हैं। ऋषि-मुनियों की दिनचर्या का पालन करें।

०३

मौन एवं ध्यान

मौन ही परमात्मा की भाषा है। जब मन का बाह्य कोलाहल थमता है, तभी अंतःकरण में ईश्वरीय चेतना का जागरण होता है।

धाम के दिव्य दर्शन

पवित्र झांकियां

Siddhan Mahotsav

सिद्धन वार्षिक महोत्सव

धाम पर भक्तों का पावन जनसमूह एवं दिव्य भक्ति रस।

Rituals
Gurukul Life

ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर चलें

श्री सिद्धन धाम (लोढ़ा पहाड़) की यात्रा करें, एवं पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करें।